उत्तर प्रदेश में रोहिंग्या, बांग्लादेशी और नेपाली नागरिकों का फर्जी आधारकार्ड बनाने का मास्टरमाइंड पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार

 

उत्तर प्रदेश एंटी टेररिज्म स्क्वाड (ATS) ने अंतरराज्यीय फर्जी दस्तावेज़ रैकेट के कथित मास्टरमाइंड को पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार किया है। यह गिरोह रोहिंग्या, बांग्लादेशी, नेपाली और अन्य विदेशी नागरिकों के लिए फर्जी भारतीय पहचान दस्तावेज़ तैयार कर धोखाधड़ी के जरिए आधार कार्ड और अन्य सरकारी दस्तावेज़ बनवाने में शामिल था। अब तक इस मामले में उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और बिहार से इस गिरोह के 17 सदस्यों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

गिरफ्तार आरोपी की पहचान सद्दाम के रूप में हुई है, जो पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले के रघुनाथगंज थाना क्षेत्र के रहमानपुर वार्ड नंबर-3 का निवासी है। उसकी गिरफ्तारी पर 25,000 रुपये का इनाम घोषित था। ATS ने उसे बुधवार को मुर्शिदाबाद के रघुनाथगंज से गिरफ्तार किया।

ATS के अनुसार यह गिरोह फर्जी जन्म प्रमाणपत्र, निवास प्रमाणपत्र (डोमिसाइल) और स्कूल प्रमाणपत्र जैसे नकली भारतीय दस्तावेज़ तैयार कर अयोग्य व्यक्तियों, जिनमें विदेशी नागरिक भी शामिल हैं, के लिए आधार कार्ड और अन्य पहचान पत्र जारी कराने में मदद करता था।

एजेंसी ने बताया कि इससे पहले उसने इस संगठित नेटवर्क का भंडाफोड़ किया था। जांच में सामने आया था कि गिरोह वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क (VPN) तकनीक का इस्तेमाल कर दूरस्थ रूप से अधिकृत आधार नामांकन प्रणालियों तक पहुंच बनाता था और धोखाधड़ी से आधार कार्ड तैयार करता था।

जांच के दौरान ATS को यह भी पता चला कि सिंडिकेट फर्जी आधारभूत दस्तावेज़ तैयार करने के साथ-साथ आधार ऑपरेटरों के लॉगिन क्रेडेंशियल भी धोखाधड़ी से हासिल करता था। इनका दुरुपयोग उन लोगों का आधार नामांकन कराने के लिए किया जाता था, जो भारतीय पहचान दस्तावेज़ पाने के पात्र नहीं थे।

ATS के मुताबिक सद्दाम इस पूरे नेटवर्क के प्रमुख मास्टरमाइंड में से एक था और लंबे समय से फरार चल रहा था। उसकी गिरफ्तारी के लिए 25,000 रुपये का इनाम घोषित किया गया था।

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